Bhupen Hazarika Setu : बिहार में बस बन ही गया देश का सबसे लंबा सड़क पुल.

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ढोला सादिया सेतु के नाम से भी जानें यह पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर 9.15 किमी से अधिक लंबा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब बिहार में भी बड़ा पुल लगभग तैयार हो चुका है। जी हाँ, यह भारत का सबसे बड़ा पुल होगा, जिसकी लंबाई 10 किमी से अधिक होगी। आइए ताजा जानकारी के साथ इस ब्रिज के बारे में पूरी जानकारी लें।

परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का कुल परिवहन 984 करोड़ रुपये अब तक लगभग 1,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 10.2 किमी लंबे महासेतु का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस पुल के बनने से सुपौल से मध्य की दूरी 30 किलोमीटर कम होइएगा। अभी तय लोगों को 100 किमी की दूरी तय करनी है, जो 70 किमी की दूरी तय करेगा।

भेजे गए सहायिका और बाकुर सुपोला के बीच कोसी नदी पर बना यह पुल असम के भूपेन हजार पुल से करीब एक किलोमीटर लंबा है (फोटो- भूपेन हजार पुलिका)। इसका उद्घाटन 2023 में होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसमें देरी हुई और अब मार्च 2024 में है, लेकिन इसमें थोड़ी और देरी हो सकती है।

बिहार की उदासी-कही जाने वाली कोसी नदी का रास्ता हमेशा अपनी बहादुरी से बसा रहता है। इस पुल यानी दो धाराओं के बीच की दूरी बहुत बड़ी है। विशेष रूप से बाढ़ के दौरान इसके साथ-साथ किनारा भी हो जाता है। ज्ञात हो कि 3.1 किलोमीटर लम्बा पहुंच पथ भी बनाया जायेगा। इस बीच, बाकुर की ओर से 2.1 किमी लंबे और फ्रेमवर्क का लगभग 1 किमी लंबे पहुंच पथ का निर्माण किया जा रहा है।

कोसी के सुपौल जिले के बाकुड़ और मध्य जिले के जहाज़ों के बीच बन रहे इस मेगा ब्रिज का सिरा सीधे दोनों तरफ बने तटबंधों (पूर्व और पश्चिम) से जुड़ता है। इस कारण यह महासेतु देश का सबसे भारी महासेतु होगा। हम आपको बताते हैं कि भारतमाला प्रोजेक्ट के 5 वें चरण के तहत काम चल रहा है और इस पुल का 54 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इस साल पूरा होने की उम्मीद है।

इस पुल पर कुल 171 सपोर्ट बनाए जा रहे हैं। इनमें से 166 पिलर का निर्माण पूरा हो चुका है। बाकुर की ओर 36 स्तंभ और स्मारक की ओर 87 स्तंभ होंगे। ऐसे में बाकुर की ओर से 2.1 किमी लंबे रीच पथ और स्मारक की ओर से 1 किमी लंबे रीच पथ का निर्माण किया जाएगा।

रीच पथ पुल की लंबाई 13.3 किलोमीटर सहित। भारतमाला परियोजना के तहत यह पुल उमागांव और महिषी तारापीठ (सहरसा) के बीच बन रही चार लेन सड़क के स्थल पर बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य दो बिजनेस मिलकर कर रही हैं।

इनमें गेमन इंडिया और ट्रांस रेल लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इस पुल का निर्माण भारतमाला प्रोजेक्ट पर चल रहा है। भारतमाला प्रोजेक्ट 5 प्रोजेक्ट में बनाया जा रहा है। डिज़ायॉज़ में से एक में यह पुल बनाया जा रहा है। यह पुल रणनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर राज्यों को नेपाल, बांग्लादेश और भूटान से जोड़ा गया।

इसे बागडोगरा एयरपोर्ट तक बनाना काफी आसान हो जाएगा। कोविड-19 के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई है। लेकिन संभावना थी कि पुल का काम दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा, लेकिन अब इसमें देरी होगी और इस साल पूरा होने की संभावना है। भारत निर्माण परियोजना के तहत बिहार में चार एक्सप्रेसवे भी बनाये जा रहे हैं। इन एक्सप्रेसवे के निर्माण में बिहार के किसी भी भाग से कोलकाता और दिल्ली की दूरी काफी कम होगी। इससे अंतरराज्यीय यात्रा बेहद आसान होगी।

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